Thursday, March 16, 2017

राजस्थान में भाई उपेन यादव - एक शख्स

राजस्थान में भाई उपेन यादव - एक शख्स जो पिछले काफी वर्षो से बेरोजगारों के हितों के लिए मौजूदा भाजपा सरकार से लड़ रहा है , गौर कीजिए जिन बेरोजगारों के लिए वह लड़ रहा है - वे सिर्फ वह बेरोजगार नही है जोकि वकेंसी की आस में बैठे है जबकि अधिकांश बेरोजगार वह है जो सरकार की अनदेखी , लचर व्यवस्था , भ्रस्टाचार , घटिया सरकारी नीति के कारण परीक्षा पास करके भी नियुक्ति की आस में बैठे है और उनमे से ज्यादातर तो न्यायालय तक से अपने हित में फैसला पा चुके है लेकिन ये भाजपा सरकार नियुक्ति की आस में बैठे और वकेंसी की आस में बैठे दोनों तरह के बेरोजगारों का मानसिक , आर्थिक और सामाजिक शोषण करने में व्यस्त है | उपेन यादव अनशन , धरना , प्रार्थना , आग्रह , रैली आदि सब कर रहे है और राजस्थान के समस्त बेरोजगार युवा इनका समर्थन भी करते है लेकिन फिर भी देश पर कब्जे की इच्छा से अधिकार जमाने वाली भाजपा के कानो में जूं तक नही रेंगती और यहाँ की मुख्यमंत्री साहिबा ने तो एक बार इन बेरोजगारों को ''लफंगे'' तक कह दिया था |******
लेकिन क्या वह अपनी सरकार के कुकर्म देख रही है , क्या उन्हें इस बात का पता नही कि ''अगले बार वासु के देवो की भी नानी याद आने वाली है '' जोकि शिक्षा व्यवस्था के शोषण में देव बने बैठे है |
हाल ही में उपेन यादव द्वारा जयपुर में किये गये धरने पर पुलिस ने मुख्यमंत्री की वाहवाही लुटने के लिए बल प्रयोग किया और एक गर्भवती महिला तक को नही बख्सा जोकि अस्पताल में तक पहुंच गयी और फिर उपेन यादव व् अन्य साथियों को गिरफ्तार तक कर लिया गया |******
काफी नियुक्ति सरकार के पास लटकी हुई है जैसे 2012 , 2013 आदि व् अधिकांश भर्ती प्रकिर्या स्टे में रुकी हुई है और फिर भी मुख्यमंत्री अपनी सरकार की पीठ ठोकने में लगी रहती है | ******
भाई उपेन यादव का कार्य निस्वार्थ है और मैं अजय कुमार यादव उनके प्रयासों की प्रशंसा करता हूँ लेकिन चिंता का विषय है कि कल को राजनीतिक विकृत मानसिकता से पीड़ित लोग इनके संघर्ष में स्वार्थ खोजने की कोशिश करेंगे और इन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री और संघर्ष में जीवन बिताने वाले अरविन्द केजरीवाल की तरह ही देखेंगे लेकिन इसका मतलब यह नही की भाई उपेन यादव अपना संघर्ष छोड़ देंगे , और ना ही इन्हें छोड़ना चाहिए क्योंकि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही |

Upen Yadav Arrested

.लडकियाँ अब समझ ले की राजनीति

महिला सम्मान की दिशा में लोकतंत्र के स्वर्णिम दौर में स्वर्णिम शब्दों के साथ पेश है श्री (नाम आप जानते होंगे) जी .... ये सम्मान अब देशव्यापी स्तर से मिलेगा ... राम राज्य की शुरुआत हो चुकी है ...लडकियाँ अब समझ ले की राजनीति में वे हिस्सा ले या ना ले उनके बारे में ऐसी धारणा ऐसी सोच रखने वाले लोग जरुर राजनीति में शीर्ष स्तर पर है तो वे स्वयम इसका अंजाम समझ सकती है और वैसे भी अधिकांश अखबारों में कारनमे काली स्याही से छपे हुए मिल जायेंगे |
शर्मनाक हालात में लोकतंत्र की स्थिति और सत्ताधारी , चाटुकारों के स्वर्णिम दिन |


Saturday, January 14, 2017

शासन पर शर्म है और कानून पर भी

तेज़ बहादुर पागल,आदतन अनुसाशन हिन् था – सीमा सुरक्षा बल-उसकी शिकायत में दम नही था - अफसर बच गये जवान प्लम्बर बन गया हो गया मामला सेट्टेल |.....
CISF जवान को मनोरोगी बता दिया गया और कहा गया कि छुट्टी की कोई समस्या नही थी / तनाव नही था - अफसर बच गये.....जवान जेल गया (सवेंदना है साथी जवानो के प्रति) |.....
.जीत सिंह के.रि.पु.बल अभी बालक है तो DG साहब ने साइड मारते हुए बचा लिया और सरकार बच गयी – अगला ट्रान्सफर अब होगा जम्मू में |...
..SSB जवान को केजरीवाल जी के हथियार(मफलर) ने बचा लिया...वरना एक फोटो DG SSB की भी छप जाती वैसे भी SSB गुमनाम फ़ौज है |....
..बच गयी ITBP....बाकी कुछ पता नही...लहर का लहरिया कब हो जाये |ज्यादातर जवान बर्फीले इलाको में विचारे डिब्बावंद राशन खाकर सिकुड रहे है, उन्हे देश में क्या चल रहा है १५ दिन बाद पुराना अखबार पढ कर पता चलेगा।....
भारतीय सेना सर्वोत्तम है उनके जवान लांस नायक श्री यज्ञ प्रताप जी की तो कोर्ट मार्शेल की तयारी है...क्योंकि उन्हें कुत्ते घुमाना , साहब की बीवी के वस्त्र धोने में मज़ा नही आता , बच्चे घुमाना पसंद नही , गाडी धोना अच्छा नही लगता ....और लगना भी नही चाहिए क्योंकि भर्ती हुआ था लड़ने के लिए नाकि कच्छे या गाडी धोने को.... हथियार चलाने के लिए नाकि कुत्ते घुमाने के लिए |....

लेकिन रावत साहब कहते है सहायक प्रथा जरूरी है – रावत साहब बस क्या कहूँ .रिटायर्मेंट तक झेल लेंगे आपको भी ...वैसे भी बहोत नमूने है देश में उच्च पदों पर |

केंद्रीय पुलिस की मांग जायज है मै हमेशा से इस मांग का समर्थन करता आया हूँ और सेवादारी प्रथा खत्म होनी चाहिए....वरना निकाल दो इन सब को सेना से क्योंकि अगर ये लोग पागल है तो क्या हमारी सुरक्षा पागलो के हाथ में है ......
शासन पर शर्म है और कानून पर भी...... इन सब जवानो के साथ कितना बुरा किया जा रहा होगा इनकी वाहिनियों में कोई अंदाजा नही लगा सकता |
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I Am Raising : संकलन

दिन प्रतिदिन वातावरण में उठने वाले सभी मुद्दों जोकि सामाजिक , राजनीतिक इत्यादी है, का संकलन यहाँ किया गया है |लेखन और सामग्री व्यक्तिगत विचार है |