इरोम शर्मिला के हिस्से 90 वोट..किस जनता के लिए तुमने 16 साल अनशन किया था..बंदूक ही उठा लेती..दंगे-फसाद करवा देतीं तो आज MP MLA होती..दुःख नहीं असमंजस है, इस देश की जनता को क्या चाहिए ?PRJA Irom Chanu Sharmila
राजस्थान में भाई उपेन यादव - एक शख्स जो पिछले काफी वर्षो से बेरोजगारों के हितों के लिए मौजूदा भाजपा सरकार से लड़ रहा है , गौर कीजिए जिन बेरोजगारों के लिए वह लड़ रहा है - वे सिर्फ वह बेरोजगार नही है जोकि वकेंसी की आस में बैठे है जबकि अधिकांश बेरोजगार वह है जो सरकार की अनदेखी , लचर व्यवस्था , भ्रस्टाचार , घटिया सरकारी नीति के कारण परीक्षा पास करके भी नियुक्ति की आस में बैठे है और उनमे से ज्यादातर तो न्यायालय तक से अपने हित में फैसला पा चुके है लेकिन ये भाजपा सरकार नियुक्ति की आस में बैठे और वकेंसी की आस में बैठे दोनों तरह के बेरोजगारों का मानसिक , आर्थिक और सामाजिक शोषण करने में व्यस्त है | उपेन यादव अनशन , धरना , प्रार्थना , आग्रह , रैली आदि सब कर रहे है और राजस्थान के समस्त बेरोजगार युवा इनका समर्थन भी करते है लेकिन फिर भी देश पर कब्जे की इच्छा से अधिकार जमाने वाली भाजपा के कानो में जूं तक नही रेंगती और यहाँ की मुख्यमंत्री साहिबा ने तो एक बार इन बेरोजगारों को ''लफंगे'' तक कह दिया था |******
लेकिन क्या वह अपनी सरकार के कुकर्म देख रही है , क्या उन्हें इस बात का पता नही कि ''अगले बार वासु के देवो की भी नानी याद आने वाली है '' जोकि शिक्षा व्यवस्था के शोषण में देव बने बैठे है |
हाल ही में उपेन यादव द्वारा जयपुर में किये गये धरने पर पुलिस ने मुख्यमंत्री की वाहवाही लुटने के लिए बल प्रयोग किया और एक गर्भवती महिला तक को नही बख्सा जोकि अस्पताल में तक पहुंच गयी और फिर उपेन यादव व् अन्य साथियों को गिरफ्तार तक कर लिया गया |******
काफी नियुक्ति सरकार के पास लटकी हुई है जैसे 2012 , 2013 आदि व् अधिकांश भर्ती प्रकिर्या स्टे में रुकी हुई है और फिर भी मुख्यमंत्री अपनी सरकार की पीठ ठोकने में लगी रहती है | ******
भाई उपेन यादव का कार्य निस्वार्थ है और मैं अजय कुमार यादव उनके प्रयासों की प्रशंसा करता हूँ लेकिन चिंता का विषय है कि कल को राजनीतिक विकृत मानसिकता से पीड़ित लोग इनके संघर्ष में स्वार्थ खोजने की कोशिश करेंगे और इन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री और संघर्ष में जीवन बिताने वाले अरविन्द केजरीवाल की तरह ही देखेंगे लेकिन इसका मतलब यह नही की भाई उपेन यादव अपना संघर्ष छोड़ देंगे , और ना ही इन्हें छोड़ना चाहिए क्योंकि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही |

Upen Yadav Arrested
महिला सम्मान की दिशा में लोकतंत्र के स्वर्णिम दौर में स्वर्णिम शब्दों के साथ पेश है श्री (नाम आप जानते होंगे) जी .... ये सम्मान अब देशव्यापी स्तर से मिलेगा ... राम राज्य की शुरुआत हो चुकी है ...लडकियाँ अब समझ ले की राजनीति में वे हिस्सा ले या ना ले उनके बारे में ऐसी धारणा ऐसी सोच रखने वाले लोग जरुर राजनीति में शीर्ष स्तर पर है तो वे स्वयम इसका अंजाम समझ सकती है और वैसे भी अधिकांश अखबारों में कारनमे काली स्याही से छपे हुए मिल जायेंगे |
शर्मनाक हालात में लोकतंत्र की स्थिति और सत्ताधारी , चाटुकारों के स्वर्णिम दिन |